उलझा हुआ ‘निशब्द’ है, जिनमें कहीं।। उलझा हुआ ‘निशब्द’ है, जिनमें कहीं।।
साग़र की आरज़ू ना पैमाने की आस होनी चाहिए... साग़र की आरज़ू ना पैमाने की आस होनी चाहिए...
तुझे भूलने से पहले तुझे जान लूँ तो क्या है, जब दिल तो दिल से मिलकर ही टूटेगा। तुझे भूलने से पहले तुझे जान लूँ तो क्या है, जब दिल तो दिल से मिलकर ही टूटेगा...
खुशियों की महफ़िलों में भी रंज ए कहर हो रहा है। खुशियों की महफ़िलों में भी रंज ए कहर हो रहा है।
हुआ है जब से इश्क तुमसे जीना दुश्वार हो गया है हमसे। हुआ है जब से इश्क तुमसे जीना दुश्वार हो गया है हमसे।
तब मेरा दिल वहीं थम जाता है साँस यूँ ही रुक जाती है। तब मेरा दिल वहीं थम जाता है साँस यूँ ही रुक जाती है।